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'डियाना' (प्रवासी कहानी ) डॉ.सुनील जाधव

    'डियाना'  (प्रवासी कहानी ) डॉ.सुनील जाधव भाग - १ “ येरकीन , कयिर्ली टैन (सुप्रभात)! तुम अपने नाम की तरह ही शांत स्वभाव के हो। उस दिन जब हम कॉलेज टूर से शिमबुलक की बर्फीली पहाड़ी पर थे ; हमने आइस स्केटिंग , स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग की। बर्फ में जब मैं खुशी और मस्ती के साथ पहाड़ी पर चढ़ तो गई थी , पर वापस लौटते समय मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी। तुमने मेरा हौसला बढ़ाया। जब मेरा पैर फिसल गया , तो तुमने मुझे संभाल लिया। मुझे ठंड से ठिठुरता देख तुमने अपनी परवाह किए बिना अपना स्वेटर मुझे पहना दिया और स्वयं ठंड में ठिठुरते रहे। येरकीन , मेरे प्रिय मित्र! उस दिन मेरे दिल से एक आवाज़ आई कि डियाना येरकीन से प्यार करती है। आज कॉलेज का आखिरी दिन है। हम अब एक महीने के बाद मिलेंगे। मुझे अपने जीवन में तुम्हारे जैसे ही साथी की तलाश थी। मैं तुमसे प्यार करती हूँ , येरकीन! तुम्हारे जवाब का मुझे इंतज़ार रहेगा। तुम्हारी , डियाना” उस दिन डियाना ने कॉलेज की कक्षा छूटते ही अपने प्रिय मित्र येरकीन को हिम्मत करके अपने जीवन का पहला प्रेम-पत्र थमा दिया और जाते हुए कहा , “ इसे घर जाकर पढ़...
नव साहित्यकार में अतिथि मेहमानों का स्वागत हैं | नव साहित्यकार में छपी सारी सामग्री का सर्वाधिकार सुरक्षित हैं | डॉ.सुनील जाधव ,नांदेड [महाराष्ट्र]|mobile-०९४०५३८४६७२ या इस मेल पर सम्पर्क करें -suniljadhavheronu10@gmail.com

नवसाहित्यकार पब्लिकेशन, नांदेड़

8 जून, 2026 को हॉन्गकॉन्ग, मकाऊ में विशेष वक्ता के रूप वैश्विक विकास में भारतीय संस्कृति का योगदान इस विषय पर अपनी बात रखी।

विशेष वक्ता -गोवा

गीत: खुशियों का नया साल- गीतकार : डॉ. सुनील गुलाबसिंग जाधव, मो 9405384672 , गायक : सुनो

गुरु तपन कुमार मिश्रा: आत्मीयता और ज्ञान का जीवंत सफर

ग़ालिब की शायरी: जीवन दर्शन और मानवीय चेतना का महासागर - डॉ. दीपक रूहानी

कहानी संग्रह ‘गोधडी’ पुस्तक परिक्षण (समीक्षा) लेखक : सुनील गुलाब सिंह जाधव, नांदेड - पुस्तक परिक्षण : धिरज बालासाहेब पावडे

यथार्थ जमीन से उत्पन्न कथाएँ : डॉ. सुनील जाधव द्वारा लिखित ‘गोधड़ी’ कहानी संग्रह आलेख लेखक-डॉ. प्रा. वर्षा मोरे – पावडे